Sunday, 18 September 2016

सफाई विभाग के सुपरवाइजर से हुई मारपीट

बाबतपुर : शनिवार को देर शाम लाल बहादुर शास्त्री अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर पुरानी बिल्डिंग में सफाई का कार्य की देखरेख करने वाले सुपरवाइजर को अज्ञात लोगों ने मारपीट कर घायल कर दिया।
जानकारी के अनुसार पुरानी बिल्डिंग में सफाई की देख रेख करने वाला सुपरवाइजर राजीव सक्सेना रात्रि 8:00 बजे हवाई अड्डे से अपने कमरे की तरफ निकल रहा था कि जब वह पार्किंग में पहुंचा था उसी समय पीछे से आए अज्ञात लोग उसे मारने पीटने लगे वह कुछ समझ पाता तबतक लोग उसे बुरी तरह पीट दिए। वह नई बिल्डिंग में भाग कर अपनी जान बचाया और अधिकारियों से पूरी बात बताया। हवाई अड्डे के अधिकारी मामले की जांच पड़ताल में जुटे हैं।

बताते चलें की यह वही सुपरवाइजर है जिसके ऊपर सफाई करने वाली एक महिला ने 2 सप्ताह पहले दुराचार के प्रयास का आरोप लगाया था।

Friday, 16 September 2016

बीयर शॉप के सैल्समैन को असलहा सटाकर लूट

वाराणसी: बड़ागांव थाना क्षेत्र के हरहुआ चौराहे पर स्थित बीयर की दुकान को बंद करते समय पहुंचे बदमाशों ने सेल्समैन को असलहा सटाकर बिक्री के बीस हजार और सेल्समैन के पास रखे चार हजार तथा मोबाईल लूट लिए और सेल्समैन को दुकान में ही बंद कर भाग गये।
जानकारी अनुसार सकलडीहा का अतुल हरहुआ चौराहे पर स्थित बीयर की दुकान पर सेल्समैन है उसने बताया कि गुरुवार को रात्रि सवा 10 बजे वह दुकान बंद करने जा रहा था उसी दौरान दो युवक आये और उससे बीयर मांगे जैसे ही वह फ्रिजर में से बीयर निकालने के लिए लटका उसी दौरान बीयर मांगने वाला युवक असलहा लेकर केबिन में घुसा और उसकी कनपटी पर सटा दिया युवक जबतक कुछ सोच पाता तबतक तीन लड़के और आ गए तथा कैश बॉक्स में से बिक्री के बीस हजार रूपये निकाल लिए साथ ही सेल्समैन की मोबाईल और जेब में रखे चार हजार रुपये भी निकालने के साथ ही सीसीटीवी कैमरा उखाड़ कर साथ ले गये और टीवी तोड़ दिए तथा सेल्समैन को दुकान में ही बंद कर सभी भाग गए उसके बाद जब सैल्समैन ने शोर मचाया तो पड़ोस के लोग पहुचकर शटर उठाये तो उसने आपबीती बताया और 100 नंबर पर पुलिस को सूचना दिया। सूचना देने के आधे घंटे बाद पुलिस मौके पर पहुची और जाँच पड़ताल में जुट गयी।

एसपीआरए भी पहुचे
घटना की जानकारी मिलते ग्रामीण पुलिस अधीक्षक आशीष तिवारी भी घटनास्थल पहुंचे और सेल्समैन तथा वहां मौजूद सिपाहियों से पूछताछ किये तथा पुलिस द्वारा सक्रियता न बरतें जाने के चलते जमकर फटकार लगाये।

भुक्तभोगी सेल्समैन अतुल जायसवाल

हवाईअड्डे से शहर तक जल्द ही चल सकते हैं ऑटो

एयरपोर्ट सलाहकार समिति की बैठक में हुई चर्चा

वाराणसी : लाल बहादुर शास्त्री अंतर्राष्ट्रीय हवाईअड्डे के मुख्य टर्मिनल भवन के सीआईपी लाउंज में गुरुवार दोपहर में आयोजित एयरपोर्ट सलाहकार समिति की बैठक में रनवे तथा हवाईअड्डे के विस्तारीकरण, सौंदर्यीकरण, मिर्जापुर, चंदौली, सोनभद्र, जौनपुर सहित आसपास के अन्य जनपदों के पर्यटन स्थलों की जानकारी हेतु डिस्प्ले बोर्ड, सहित यात्रियों की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर चर्चा किया गया।

जानकारी अनुसार लाल बहादुर अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे पर आयोजित एयरपोर्ट सलाहकार समिति की बैठक में रनवे बढ़ाने को लेकर होने वाली समस्यायों जैसे रनवे के पश्चिमी छोर की तरफ जहाँ राष्ट्रीय राजमार्ग 56 है वहीं पूर्वी छोर पर रेलवे लाइन है जिसके चलते पूरब की तरफ रनवे नहीं बढ़ाया जा सकता है। पश्चिम की तरफ ही रनवे को बढ़ाये जाने पर विचार किया गया जिसमें जिला प्रशासन द्वारा यह आश्वासन दिया गया कि जल्द ही बैठक कर भूमि उपलब्ध करायी जायेगी जिससे रनवे का विस्तार किया जा सके साथ ही हवाईअड्डे के संपर्क मार्ग पर सौंदर्यीकरण तथा लाइटिंग की व्यवस्था के साथ ही यात्री सुविधाओं के संबंध में भी चर्चा किया गया। बैठक में कुछ सदस्यों ने यह भी सवाल उठाया कि जिस प्रकार बस सेवा प्रारम्भ कर दिया गया उसी प्रकार अब यहाँ पर ऑटो स्टैंड भी बना दिया जाए जिसपर अथॉरिटी द्वारा यह कहा गया कि यदि ऑटो यूनियन के पदाधिकारी हवाईअड्डे से शहर के लिए ऑटो चलाना चाहते हैं तो वे अथॉरिटी से मिलकर ऑटो चला सकते हैं। वहीं हवाईअड्डे के आसपास खुले में मीट मांस बेचे जाने के चलते बर्ड हिट होने के खतरे को ध्यान में रखते हुए उन दुकानों को बंद कराये जाने का प्रस्ताव रखा गया जिसपर जिला प्रशासन और पुलिस द्वारा यह कहा गया कि उन दुकानों को चिन्हित कर दुकानदारों को दुकान बंद करने की नोटिस इस सप्ताह भेजी जाएगी और दुकान बंद न किये जाने पर उनके खिलाफ क़ानूनी कार्रवाई की जायेगी।साथ ही हवाईअड्डे के पार्किंग साइड के खाली पड़े स्थानों में सौंदर्यीकरण को लेकर व्यसायिक प्रतिष्ठानों और स्कूल कालेज को दिया जायेगा जिसमें वे पार्क बना सकते हैं।

बैठक में  सांसद रामचरित्र निषाद, एयरपोर्ट निदेशक डीएस गढ़िया, सुरक्षा प्रभारी एसके झा, एसडीएम पिण्डरा, विधायक अजय राय, एडीएम सप्लाई मनीलाल यादव, ग्रामीण पुलिस अधीक्षक आशीष तिवारी, जेई सुगुमार, अफ्ता सिंह, प्रभात सिंह, डॉ जेपी दुबे सहित अन्य लोग सम्मिलित हुए।

बैठक में शामिल अधिकारीगण

Tuesday, 6 September 2016

राजनीति की नर्सरी या पुलिस के लिए सिरदर्द


शहर में आया छात्रसंघ चुनावो का मौसम

अरशद आलम
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वाराणसी। बरसों से छात्रसंघ की छवि राजनीति की नर्सरी की है। देशभर के छात्रसंघों ने तमाम कड़ियल नेताओं को जन्म दिया है। पुरनिए न सिर्फ इस धारणा में अब भी यकीन करते हैं बल्कि इसे और पुष्ट भी करना चाहते हैं। मगर मौजूदा हालात पर गौर करें तो नजारा अलहदा है। तिथियां घोषित न होने के बावजूद शहर में इन दिनों छात्रसंघ चुनावों की गर्माहट महसूस की जा सकती है। आये दिन विभिन्न संभावित उम्मीदवारों और उनके समर्थकों के बीच मारपीट और बवाल की खबरे आने लगी है। आरोप-प्रत्यारोप, मारपीट और मुकदमेबाजी की बहुतायत के चलते यह नर्सरी पुलिस के लिए नया सिरदर्द बनती जा रही है।

छात्र राजनीति की इस नर्सरी में कभी सामान्य पृष्ठभूमि से आने वाले युवाओं की फसल लहलहाती थी। अब यहां भूमाफिया और अपराधियों, उद्योगपतियों, व्यापारियों, राजनैतिक दलों का बोलबाला है। तथाकथित रूप से अब भी छात्रों के हित की बात करने वाले छात्रनेता किसी न किसी पार्टी या रसूख वाले नेता का समर्थन रखते हैं। पिछले छात्रसंघ चुनावों में शामिल कई प्रत्याशियों का तो आपराधिक इतिहास भी रहा है। कालेज के यह छोटे चुनाव अब सम्मान की लड़ाई बन चुके हैं और लिंगदोह समिति की सिफारिशों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं।

विभिन्न विश्वविद्यालय परिसर में गुण्डा गर्दी की घटनाये बढ़ गई है,  चुनावों में लाखों खर्च कर हजारों छात्रों के लिए लंगर का खाना चलता है। छात्रों को आई.डी. कार्ड समय पर नहीं मिलते जिससे चुनावों तक बाहरी लोग परिसर में घूमते रहते है। विश्वविद्यालय परिसर में छात्र आपस में भिडंते हैं, पुलिस पर पथराव करते है। प्रत्याशियों समेत कई छात्रों पर पुलिस केस दर्ज होते है।

धरना व जुलूस के द्वारा रास्ते रोके जाते है। छात्र गुट एक दूसरे के खिलाफ मुकदमें दर्ज कराते है, विश्वविद्यालय के बाहर निजी व सरकारी सम्पतियों पर खुले आम पोस्टर लगाये जाते है। बिना स्वीकृति वाहन रेलियां निकालकर ट्रैफिक बधित किया जाता है।

पूर्व में अप्रत्यक्ष चुनाव प्रणाली से ही छात्रसंघों के चुनाव होते थे। उनमें जातिवाद, धनबल व बाहुबल का कोई स्थान नहीं था। राजनैतिक पार्टियों का छात्रसंघ चुनावों में दखल नहीं था। प्राध्यापकों व छात्रों की भागीदारी से चुनाव कार्यक्रम सम्पन्न होते थे।

इस प्रणाली से शत प्रतिशत छात्र चुनावों में भाग लेते थे। पहले छात्र कक्षाओं से अपने प्रतिनिधि चुनते थे और ये निर्वाचित कक्षा प्रतिनिधि छात्रसंघ के पदाधिकारियों का चुनाव करते थे। एक सौहार्दपूर्ण एवं लोकतांत्रिक वातावरण बना रहता था।

छात्रसंघों के कार्यक्रमों का खर्चा प्राध्यापकों व छात्रों की, गठित कमेटी की देख रेख में होता था। राष्ट्रीय नेता, शिक्षाविद्, जाने माने इतिहासकार, वैज्ञानिक, समाज सेवी, विचारक, कलाकार, साहित्यकार, छात्रसंघों के कार्यक्रमों में आते थे। शिक्षणेतर गतिविधियां एवं कार्यक्रम यथा सेमीनार, गोष्ठियां, व्याख्यानमाला, सांस्कृतिक कार्यक्रम, कवि सम्मेलन, मुशायरा, वाद-विवाद प्रतियोगिताएं कलैण्डर के अनुसार चलती थी। छात्रसंघ की गतिविधियां शैक्षणिक कार्यक्रम का भाग होती थी और शिक्षाकोत्तर गतिविधियां मानी जाती थी।

छात्रसंघ द्वारा आयोजित गतिविधियां बौद्धिक, शारीरिक, मानसिक विकास व विस्तार के लिए होती थी। छात्रों को राजनीति करना सिखाना उद्देश्य नहीं होता था। उस समय सरस्वती के इन मंदिरों में, पुलिस को प्रवेश करने की आवश्यकता नहीं पड़ती थी। पुलिस प्रवेश को प्रिंसिपल व प्राध्यापक अपमान समझते थे। छात्रों पर उनका अनुशासन था, शांति व्यवस्था बनाये रखना अपना उत्तर दायित्व समझते थे, निभाते थे।

आज का छात्रसंघ चुनाव जातिवाद, धनबल, भुजबल, के आधार पर लड़ा जाता है। राजनैतिक दल खुलकर इन चुनावों में भाग लेते हैं। कई स्थानों पर तो चुनावी हिंसा होने लगी है। बुद्घिजीवी वर्ग, पढऩे लिखने वाले विद्यार्थी वर्तमान स्थिति व चुनाव तरीके के आलोचक हैं। अब राजनैतिक दलों के टिकटों पर चुनाव में भाग लेने वाले युवकों के कारण छात्र संघों  में पूर्णतया राजनीति घर कर गई है।

पढऩे लिखने वाले छात्रों की बड़ी संख्या चुनाव प्रचार व मतदान से दूर होते जा रहे हैं। उनके मत का कोई मूल्य नहीं रहा है। मतदान बाहरी प्रभाव से होते हैं। नीति, कार्यक्रम, योग्यता का कोई अर्थ नहीं रह गया। अब छात्रसंघ के चुनावों में केवल समाज में भय, आतंक, गैर वाजिब वसूलियां व कानून व्यवस्था की स्थिति पैदा हो रही है। राजनैतिक दलों द्वारा उम्मीदवारों का चयन जातिवाद के आधार पर होने लगा है।

चुनाव जीतने के लिए नये नये तरीकों, नियोजित योजनाओं, से मतदाताओं को खरीदने, दवाब डालने, नियमों की खुली अवहेलना करने, लंगर लगाने, विधान सभा व लोकसभा के चुनावों से भी अधिक खर्चीले प्रचार के बीच स्वतंत्र एवं निष्पक्ष  चुनाव पर प्रश्न चिन्ह लग गया है।

कुछ वर्षों  से ग्रामीण क्षेत्रों में भी सामाजिक शांति में विघ्न होने लग गया है, कानून व्यवस्था की समस्या उत्पन्न होने लगी है। विश्वविद्यालयों में जातिवाद व सामाजिक गुटबाजी फैलती जा रही है। आज विश्वविद्यालयों में राजनीतिक हस्तक्षेप बढ़ जाने से इन संस्थाओं को व्यापार व राजनीति का केन्द्र बना दिया है।

अब हालात यह है की, शांति बनाये रखने के लिए चौबीसों घंटे पुलिस बल विश्वविद्यालयों/महाविद्यालयों में तैनात करना पड़ता है। प्रतिभावान छात्र असहाय अनुभव करते हैं और चुनावों में हिस्सा लेना पसन्द नहीं करते वे चुनावों से दूर ही रहना पसन्द करते हैं।

इन हालातों में विश्वविद्यालयो में शैक्षणिक वातावरण समाप्त हो रहा है। आज के छात्रसंघ के पदाधिकारियों को पढ़ाई लिखाई से भी कोई वास्ता नहीं रहता। वे अपने को भविष्य का नेता साबित करने में समय व्यतीत करते हैं। कुल मिला के यह खेल खतरनाक रूप ले रहा है और भविष्य में सत्ता की प्रथम सीढ़ी की इस पायदान की लड़ाई ने पुलिस प्रशासन का सरदर्द तो बढ़ा ही दिया है।
साभार

शुप्रभात

आपका दिन मंगलमय हो

Thursday, 1 September 2016

वाह रे सरकार कहाँ थी आपकी एम्बुलेंस

वाराणसी। बाबतपुर हवाई अड्डे पर बुधवार को एयर इंडिया के विमान AI - 433 द्वारा गया से दिल्ली जा रहे पैसेंजर राजेश त्रिपाठी की हालत खराब हो गई और इसके बाद उसे विमान से उतारकर हवाईअड्डे पर स्थित इमरजेंसी रूम में लाया गया जहां उसका इलाज किया गया लेकिन उसकी स्थिति चिंताजनक बन रही इसके बाद मौके पर पहुचे एयरपोर्ट निदेशक ने उसे तत्काल शहर भेजने के लिए सोचा और हवाईअड्डे से एंबुलेंस के लिए फोन किया गया लेकिन कोई भी सरकारी एंबुलेंस डेढ़ घंटे तक एयरपोर्ट पर नहीं पहुंचा अंत में हवाई अड्डे के फायर विभाग के एंबुलेंस के द्वारा बीमार यात्री को शहर में इलाज के लिए भेजा गया लेकिन रास्ते में ही उसने दम तोड़ दिया।
अब बड़ा सवाल यह है कि जिस प्रकार सरकार दावे किए जाते हैं क्या यही दावे हैं क्या यही हकीकत है? और ऐसे इंटरनेशनल प्लेस पर डेढ़ घंटे तक कोई एंबुलेंस नहीं पहुंचा और यदि कोई बड़ा हादसा होगा तो ऐसे में क्या और कैसे चिकित्सकीय सुविधा मुहैया कराई जाएगी?

यह भी जानिए
पिछले माह 2 अगस्त को सोनिया गांधी वाराणसी में आई थी और वाराणसी में रोड शो के दौरान उनकी तबीयत खराब हो गई उसके बाद उनको शहर से इलाज कराने के बाद वापस भेज दिया गया रास्ते में उनकी हालत और बिगड़ गई और हवाई अड्डे पर पहुचते ही उनको cip लाउंज में भर्ती किया गया लेकिन सुविधाओं के नाम पर कुछ नहीं रहा। उनके साथ जो एंबुलेंस चल रही थी उसमें भी चिकित्सा की सुविधाएं नहीं थी यूरिनल पाट सहित कई उपकरणों को बाहर से मंगाया गया इस बारे में जनपद का पूरा स्वास्थ्य महकमा अपना बचाव करता दिखाई दिया लेकिन अब एक यात्री की जान चली गई और हवाईअड्डे पर डेढ़ घंटे में एंबुलेंस नहीं पहुंचा यह भी एक बड़ा सवालिया निशान है।

मृत विमान यात्री की फाइल फोटों

बीएचयू में बवाल, डॉक्टर हड़ताल पर

वाराणसी। काशी हिन्दू विश्वविद्यालय परिसर बुधवार की रात डॉक्टरों और छात्रों के बीच गुरिल्ला युद्ध की चपेट में रहा और देर रात तक तोड़फोड़ चलता रहा और जनपद के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर भी पहुचे। मामला केवल इतना कि बीएचयू के ट्रामा सेंटर में इलाज के दौरान डाक्टरों व छात्रों में कहासुनी हुई थी और आगे चलकर यही विवाद का रूप पकड़ा और बवाल हो गया। दोनों ओर से जमकर पथराव व तोड़फोड़ किये गए मरीजों के परिजन भी जान बचाने के लिए इधर उधर भागते देखे गए। देखते ही देखते ट्रामा सेंटर छावनी में तब्दील हो गया। गुस्साए छात्रों ने बीएचयू अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में भी जमकर तोड़फोड़ किया और दो दर्जन से अधिक बाइक को आग के हवाले कर दिए मामले को देखते हुए रात्रि में ही वहां भारी फ़ोर्स तैनात कर दिया गया और उसके बाद रात में ही कुलपति, डीएम, एसएसपी व अन्य अधिकारियों के बीच बैठक भी हुई।

उसके बाद शुक्रवार को रेजिडेंट डॉक्टरों के हड़ताल कर दिए है और ट्रामा सेंटर से मरीजों को लौटा दिजा रहा है।

फोटों साभार

Saturday, 27 August 2016

काशी में बाढ़ पीड़ितों की मदद में उतरा पत्रकार प्रेस परिषद

÷ पीड़ितों की स्थिति देख द्रवित हो गया पत्रकारों का कलेजा

÷ देर रात तक पत्रकार करते रहे खाद्य सामगी का वितरण

÷ बितरण दौरान दो नाव टकराई,पत्रकार गंगा में गिर कर घायल

वाराणसी। पत्रकार प्रेस परिषद ने अपने निर्धारित समय पर शुक्रवार को पूर्वाह्न जिलाध्यक्ष/मंडल प्रभारी घनश्याम पाठक के नेतृत्व में पूर्वान्ह एक हजार पैकेट दूध,एक हजार पैकेट ब्रेड,एक हजार पैकेट बिस्कुट,एक हजार बोतल बिसलरी के पानी के साथ चीनी,नमकीन,साबुन,एवं बच्चों के लिए अन्य जरूरी सामानों की खेप लेकर सामने घाट पर पहुंचा।जंहा से एक स्टीमर व एक छोटी नाव पर सामाग्री रख कर पीपीपी की पचीस सदस्यीय टीम डूबे हुए क्षेत्र रमचंदीपुर, मुस्तफाबाद, तातेपुर, कोनिया, पुरनापुल, सलारपुर, बिजयीपुर, दीनदयालपुर में बाढ़ पीडितो के मदद के लिए रवाना हुई।पीपीपी की राहत टीम स्टीमर के साथ छोटी नाव से बाढ़ पीडितो के पास पहुंच कर उन्हें खाद्य सामाग्री मुहैया कराई।इस दौरान छोटी नाव स्टीमर से टकरा गई,जिसके कारण पीपीपी के जिला संयोजक पवन पाण्डेय गंगा में गिर कर घायल हो गए।बाढ़ पीडितो की मुसीबत देख कर पीपीपी की टीम काफी द्रवित हुई।और लोगो की मदद करने के साथ उनकी पीड़ा शासन और प्रशासन तक पहुंचाने का वादा किया।राहत टीम में पीपीपी के मंडल संरक्षक विनय कुमार मौर्या,जिला संयोजक पवन पाण्डेय,मंडल उपाध्यक्ष संतोष पाण्डेय,मंडल उपाध्यक्ष मदन मोहन शर्मा,जिला कार्यालय प्रभारी नवीन प्रधान,जिला सलाहकार सचिव बृजेश ओझा,जिला शिकायत सचिव संतोष नागबंशी, जिला बिधि सलाहकार सचिव दीपक मिश्रा, सदर तहसील अध्यक्ष बिरेन्द्र उपाध्याय, तहसील प्रसार मंत्री राजीव सेठ, तहसील संग़ठन मंत्री आनंद तिवारी, रवि प्रकाश बाजपेयी, पंकज पाण्डेय, आशीष सिंह, राजेंद्र सिंह, आफताब आलम, मुकेश अग्रवाल, आशीष तिवारी, असलम आलम, बंटी उपाध्याय, द्रवेश तिवारी, संजीवकान्त शर्मा, बिरेन्द्र सिंह, अनुराग पाण्डेय, स्वदेश, राजा सिंह, आलोक सिंह, नीरज अस्थाना, पवन मिश्रा, विजय सिंह, अजीत सोनी, आदि पत्रकार शामिल थे।फोटो।

Thursday, 25 August 2016

आज बाढ़ पीड़ितों को बाबतपुर एयरपोर्ट खिलायेगा मैगी और पिलाएगा पानी

÷एक हजार से अधिक पैकेट वितरित किये जायेंगे

वाराणसी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में गंगा और वरुणा सहित अन्य नदी उफान पर है और आई भीषण बाढ़ के चलते वाराणसी में जनजीवन बुरी तरह प्रभावित है लोग जहां छतों पर रह कर अपनी जान बचाये हैं वही चारों तरफ पानी भर जाने के चलते उनको खाने-पीने के सामान नहीं मिल पा रहे हैं जिससे लोग परेशान हैं उनको खाने-पीने के सामान मुहैया कराने के लिए अनेको सामाजिक संगठन लगे हुए हैं

गुरुवार को लाल बहादुर शास्त्री अंतर्राष्ट्रीय एयरपोर्ट बाबतपुर के अधिकारियों, सीआईएसएफ के अधिकारियों और हवाईअड्डे पर कार्यरत कार्यदायी संस्थाओं के सहयोग से बाढ़ पीड़ितों की मदद के लिए अन्न और जल का वितरण किया जाएगा जिसके लिए हवाई अड्डे पर सीआईएसएफ के जवान और एयरपोर्ट के कर्मचारी और अधिकारी एकत्र होकर 1000 से अधिक पैकेट तैयार किए जिसमें मैगी, बिस्कुट, पानी, मोमबत्ती, लाइटर सहित अन्य सामग्री रखे गए हैं और थोड़ी ही देर में शहर के लिए प्रस्थान करेंगे इस बारे में अधिकारियों ने बताया कि बाढ़ पीड़ितों की मदद के लिए हवाई अड्डे के अधिकारियों और सीआईएसएफ सहित हवाईअड्डे पर कार्यरत कार्यदायी संस्थाओं की मदद से खाद्य सामग्री वितरित करने का निर्णय किया गया है जिसके लिए एनडीआरएफ से बात किया गया अभी थोड़ी ही देर में लोग राहत सामग्री लेकर शहर के लिए प्रस्थान करेंगे और एनडीआरएफ के बताए स्थान पर खाद्य सामग्री वितरित करेंगे।

कहाँ हुआ वितरण? क्या क्या किया गया वितरित? जानने के लिए जुड़े रहे वीआईपी न्यूज़ पोर्टल से।

Wednesday, 24 August 2016

पीएम मोदी के संसदीय क्षेत्र में पत्रकार प्रेस परिषद करेगा बाढ़ पीडितो की मदद

एक हजार बोतल पानी, एक हजार पैकेट दूध,दो सौ पैकेट ब्रेड,एक हजार पैकेट बिस्कुट का करेगा वितरण

वाराणसी। पीएम मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में माँ गंगा और वरुणा नदी में आयी बाढ़ पीड़तों की मदद और उनको पीने के लिए पानी दूध और बिस्किट का वितरण करने का फैसला पत्रकार प्रेस परिषद वाराणसी मंडल द्वारा किया गया है बताते चलें कि पत्रकार उत्पीड़न से लगायत सामाजिक कार्यों में भी पत्रकार प्रेस परिषद बढ़ चढ़कर हिस्सा ले रहा है और पीड़ितों की सहायता और न्याय दिलाने के लिए तत्पर है और आगामी  26 अगस्त को बाढ़ पीडितो की मदद के लिए राहत सामग्री बाटने का कार्य पीपीपी द्वारा किया जायेगा जिसमें पीपीपी राहत दल राजघाट से स्टीमर पर सवार होकर पीडितो के पास पहुंचेगा। टीम का नेतृत्व पीपीपी के जिलाध्यक्ष/मंडल अध्यक्ष घनश्याम पाठक, मंडल संरक्षक विनय कुमार मौर्या,जिला संयोजक पवन पाण्डेय,मंडल उपाध्यक्ष संतोष कुमार पाण्डेय, मंडल उपाध्यक्ष मदन मोहन शर्मा सहित दर्जनों पत्रकार करेगे।

Tuesday, 23 August 2016

बाढ़ से प्रभावित प्रदेश के किसानो की फसलो का तत्काल मुआवजा दे सरकार :- जयराम पाण्डेय

भूमि भवन फसल संपत्ति व जन धन हानि कि ईमानदारी से हो सर्वे।

सभी तरह के कर्जे व सरकारी वसूली हो बंद ।

लोहता. लोकदल वाराणसी व मिर्ज़ापुर मंडल के अंतर्गत आने वाले जनपदों के पदाधिकारियो की एक बैठक लोहता स्थित पूर्वी जोन कार्यालय पर मंगलवार को राष्ट्रिय सचिव अखिलेश सिंह की अध्यक्षता में हुई। जिसमे भदोही मिर्ज़ापुर सोनभद्र वाराणसी जौनपुर चंदौली व ग़ाज़ीपुर के उपस्थित पदाधिकारियो को संबोधित करते हुए लोकदल उत्तर प्रदेश के प्रवक्ता जयराम पाण्डेय ने कहा कि पूर्वांचल में पिछले एक माह से हो रही मूसलाधार वर्षा से किसानो के फसलो की भारी छति हुई है। गंगा बरुणा गोमती सई व सोन नदी खतरे का निशान पार कर भारी तबाही मचाई है। जिसकी आगोश में आकर किसानो गरीबो मज़दूरों का जीवन भर की कमाई भूमि भवन फसलो के साथ ही जन धन तथा मवेशियों को भरी छति पहुची है। पूर्वांचल में शासन व प्रसाशान के जिम्मेदार अधिकारी सिर्फ खाना पूर्ति करने में ब्यस्त है। गांव से लेकर सहरो तक जलप्लावन से हा हा कार मचा हुआ है। गंगा बरुणा गोमती सई घाघरा आदि नदिया कहर बरपा रही है। सम्बंधित जिलो में जिला प्रसाशन द्वारा स्थापित राहत शिविरो में पीडितो बूढो बच्चों तथा मवेशियों को आवश्यक सुबिधा नहीं मिल पा रही है। लोग अपने घरो में कैद हो कर पिने के पानी व भोजन के अभाव में अंधकारमय जीवन जीने को विवष है।
अपने अध्यक्षीय सम्बोधन में लोकदल के राष्ट्रिय सचिव अखिलेश सिंह ने कहा कि दैविक आपदा के नाम पर लाखो करोड़ो रूपये हर वर्ष जिला प्रसाशन को दिए जाते है। लेकिन जिला प्रसाशन के जिम्मेदार अधिकारी सिर्फ खाना पूर्ति करने तक ही सीमित रहते है।

लोकदल बाढ़ पीडितो के साथ अन्याय नहीं होने देगा।

बाढ़ से प्रभावीत किसानो को तत्काल मुआवज़ा देने,
बाढ़ से भूमि भवन जन धन की हुई छति का ईमानदारी से सर्वे कराये जाने, सभी तरह के सरकारी क़र्ज़ व वसूली पर तत्काल रोक लगाने की मांग करता है।
  बैठक में प्रमुख रूप से  जिलाध्यक्ष रमेश गुप्ता,रिज़वान अहमद,घनश्याम ओझा,सूर्यवंश सिंह, आरके शर्मा, ओमप्रकाश गुप्ता, रामदुलारे नट, सौरभ सिंह, विनोद कुमार सिंह आदि पदाधिकारी वाराणसी व मिर्ज़ापुर मंडल उपस्थित थे।

सावधान! देखिये वरुणा में छलांग लगाना पड़ा महंगा

÷नदी में कूदा युवक हुई मौत
वाराणसी । गंगा और वरुणा नदी में आयी भीषण बाढ़ कुछ लोगों के लिए आफत है तो कुछ युवाओं ने इसे मस्ती और मनोरंजन का साधन बना लिया है ऐसा ही नजारा पिसौर तथा कोइराजपुर में वरुणा नदी पर बने पूलों पर देखने को मिल रहा है जहाँ दूर दराज से वरुणा में नहाने के लिए दर्जनों की संख्या में युवक और बच्चे पहुच रहे हैं और पुल पर से खतरनाक छलांग लगा रहे हैं सोमवार को कोइराजपुर वरुणा नदी के पुल पर दर्जनों बच्चे नदी में छलांग लगा रहे थे ग्रामीणों ने जब पुलिस के उच्चाधिकारियों से शिकायत किया तो बड़ागांव और लोहता एसओ मौके पर पहुचे और नदी में छलांग लगा रहे लोगों को भगाए।

और आज मौत हो ही गयी
आज सुबह में शिवपुर थाना क्षेत्र के कांशीराम आवास निवासी मोनू (28) नामक एक लड़का पिसौर पुल के पास वरुणा नदी में नहाने गया और उसे तैरने नहीं आता था बावजूद इसके वह वरुणा में छलांग लगा दिया और गहरे पानी में चला गया जिससे उसे देख रहे लोगों ने शोर मचाया तबतक वह पानी में समा गया। सूचना मिलते ही शिवपुर पुलिस मौके पर पहुची और उसे पानी से बाहर निकाल कर हॉस्पिटल भेजा गया जहाँ चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

वरुणा नदी में सोमवार कोइराजपुर से छलांग लगा रहे युवकों की फोटों

बैंक खाते से साढ़े बारह लाख गायब और महिला को भनक तक नहीं लगी

जौनपुर। नौपेड़वा बाजार जौनपुर स्थित यूबीआइ शाखा में एक पूर्व प्रधानाचार्य की पत्नी के खाते से साढ़े बारह लाख रुपये निकल गए। सोमवार को जब वह पासबुक अपडेट करवाने हेतु प्रिंट के लिए बैंक पहुंचीं तो मामला उनकी जानकारी में आया। इतनी बड़ी रकम निकलने के बाद खाताधारक के परिजनों ने बैंक में जमकर हंगामा किया।

ये है पूरा मामला

श्री यादवेश इंटर कालेज नौपेड़वा के पूर्व प्रधानाचार्य स्व. राजमणि यादव की पत्नी गिरिजा देवी का खाता यूबीआइ में है सोमवार को वे अपने देवर पूर्व प्रधान गुलाब यादव के साथ पासबुक लेकर बैंक में प्रिंट करवाने पहुची उसके बाद जब प्रिंट होकर पासबुक मिला तो उनके होश उड़ गए क्योंकि उसमें बीते 29 मार्च को 8 लाख तथा 11 मई को साढ़े 4 लाख रुपये निकाला जाना प्रिंट हुआ था।  खाते से इतनी बड़ी रकम निकलने की जानकारी मिली तो सभी भौचक्का रह गए। गिरिजा देवी भी अवाक रह गईं। इसके बाद वहां हंगामा शुरू कर दिया। आरोप लगाया कि बैंक कर्मियों की मदद से पैसे गायब हुए हैं। सूचना पर पहुंची पुलिस ने भी मामले की जांच की बात कही। शाखा प्रबंधक छुट्टी पर थे। बैंक कर्मी कुछ भी कहने से बचते रहे। हालांकि खाते से धनराशि निकाले जाने के समय के अधिकारी एवं कर्मचारी का स्थानांतरण हो चुका है।

पैसे के आभाव में अस्पताल द्वारा युवती को बनाया गया बंधक


÷पीएम के संसदीय क्षेत्र का मामला

वाराणसी। पैसे पास में न रहने और गरीबों के साथ अत्याचार के कई मामले आप सुने होंगे जिसमें पैसे के आभाव के चलते गरीब इलाज नहीं करा पाता है और मौत की चादर ओढ़ लेता है देखिये अब क्या हुआ?

सोनभद्र निवासी पैर से दिव्यांग राजरूप एक दलाल के चक्कर में फंसकर करीब 25 दिन पूर्व मस्तिष्क ज्वर से पीड़ित अपनी बहन मनीषा को गंभीर हालत में लेकर चाँदपुर स्थित एक निजी अस्पताल पहुंच गया था बहन की हालत में सुधार हुआ और वह सात अगस्त तक काफी हद तक ठीक हो चुकी थी लेकिन इलाज में लगभग एक लाख तीस हजार रुपये खर्च आया। अस्पताल प्रबंधन ने जब उससे खर्च की बात की तो उसने दे पाने में असमर्थता जताई। इलाज के रुपये की बाबत राजरूप प्रधानमन्त्री कार्यालय का चक्कर लगाया और थकहार कर मंडुआडीह थाना प्रमुख से गुहार लगाई तो उन्होंने अस्पताल पहुंचकर एक लाख रुपये कम करवा वापस चले गए। बाकी के लिए गांव जाकर मांगी तो उसे निराशा ही मिली। अब भी पीड़ित अस्पताल के रहमोकरम के इंतजार में बैठा है। 

लगातार बने रहते हैं वाट्सएप पर तो हो जाएं सावधान

÷तो वाट्सएप और फेसबुक लोगों को बना रहा मनोरोगी

वाराणसी। आप एंड्राइड मोबाइल चलाते हैं और वाट्सएप और फेसबुक सहित अन्य मैसेजिंग ऐप के शौक़ीन हैं और हमेशा मोबाइल का लाक खोलकर आप मैसेजिंग एप में ही परेसान रहते हैं तो हो जाइये सावधान आप पागलपन के शिकार हो जायेंगे पढ़िए ये खबर

क्या आपकी आदत है प्रतिदिन एक निश्चित समय पर वाट्सएप के जरिए अपने परिचितों व दोस्तों को गुड मॉर्निग व गुड नाइट मैसेज भेजने की। इसके साथ ही अगर दूसरी ओर से रिप्लाई न आए तो बैचैनी, घबराहट इतनी बढ़ जाती है कि मोबाइल तक तोड़ देते हैं। मैसेज टाइप करते वक्त लोगों के मना करने पर परेशान हो उठते हैं। अगर ऐसा है तो संभल जाएं, क्योंकि यह आदत आपको मनोरोगी बना सकती है। इन दिनों युवाओं में वाट्सएप मैसेजिंग को लेकर एडिक्शन तेजी से बढ़ रहा है।1 कई बार तो युवा इस बात से असुरक्षित महसूस करते हैं कि कहीं मैसेज न भेजने पर सामने वाला बुरा न मान जाए। वहीं दूसरा वर्ग यह भी है जिसके पास रिप्लाई आए न आए व मैसेज ओपन होने के करेक्ट निशान को देखकर ही संतुष्ट हो जाते हैं कि सामने वाले ने देखकर उनकी भावना समझ ली होगी। 15 से 30 वर्ष के युवा इस एडिक्शन के शिकार हो रहे हैं। इंटरनेट एडिक्शन डिस्आर्डर के तहत इस समस्या को ‘एसोसिएट डिसटरवेंस मैसेज एडिक्शन’ कहेंगे। स्थिति यह होती है कि व्यक्ति को मैसेज करने पर रोका जाए तो वह अपना आपा खो सकता है।

लक्षण : एक निश्चित समय पर मैसेज करना। अगर उस समय में थोड़ा भी व्यवधान पड़ा तो व्यक्ति को घबराहट, बेचैनी, चिड़चड़िापन, रोना, चीखना, एकाग्रता में कमी आ सकती है। वह तोड़फोड़ कर सकता है। आजकल हर बच्चे के हाथ में एंड्रायड मोबाइल हैं, जबकि माता-पिता को उन्हें स्कूल में मोबाइल ले जाने नहीं देना चाहिए। कालेज में भी कक्षा के भीतर मोबाइल ले जाने की इजाजत न दी जाए। एक कॉमन रूम की व्यवस्था हो, जहां मोबाइल जमा करवाया जाए। अक्सर देखा गया है कि क्लास रूम में टीचर पढ़ा रहे होते हैं और बच्चे टेक्स्ट मैसेजिंग, वाट्सएप मैसेज से एक-दूसरे से बातचीत करते रहते हैं। इससे उनकी एकाग्रता भंग हो जाती है। प्रेमी प्रमिकाओं के बीच होने वाले मैसेजिंग को रोकने पर उनमें अक्रामता ज्यादा देखी जाती है।