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| अधिकारियों को आपबीती सुनाते थानाध्यक्ष व सिपाही। |
पिछले दिन वाराणसी जनपद के एक दरोगा को पार्टी महानगर अध्यक्ष ने जीभ काट लेने की धमकी फोन से देते हुए सुने गये थे और उसके बाद वह रिकार्डिग सोशल मिडिया पर खूब वायरल हुई। फर्रूखाबाद में सपा के मुखिया मुलायम सिंह के कार्यक्रम के बाद पुलिस लाईन में अन्दर जाने से रोकने के बाबत जहानगंज थानाध्यक्ष शैलेंद्र कुमार मिश्रा, दरोगा मनोज कुमार, हरिओम त्रिपाठी व सिपाही मुकुल कुमार को सपा के जिलाध्यक्ष सहित कुछ लोगों ने पीट दिया तथा रोड पर ही धरने पर बैठ गये तथा पुलिस प्रशासन के खिलाप नारेबाजी करने लगे बाद में डीएम एनकेएस चौहान व एसपी विजय यादव से जिलाध्यक्ष, सतीश दीक्षित दर्जा प्राप्त पूर्व मंत्री सहित अन्य छूटभैये नेताओं ने थानाध्यक्ष और अन्य पुलिसकर्मियों के खिलाप ठोस कार्यवाही करने की शिकायत किये उच्चाधिकारियों द्वारा पुलिस कार्यवाही का आश्वासन देने पर लोग शान्त हुए। फिर जब अधिकारी गण पुलिसर्मियों से इस बाबत जानकारी लिये तो वे अधिकारियों के सामने रो पड़े वाह रे नेता तेरी नेतागिरी की धौंस से वर्दीधारी रो दिये। यह काफी शर्म का विषय है।
क्यों यह सत्ताधारी लोग सत्ता के नशे में चूर हैं?
यदि इसी प्रकार से सत्ता पक्ष के लोग पुलिस को अपना नौकर समझते रहे तो आने वाले समय में पुलिस की कार्य करने की प्रवृत्ति बदल जायेगी। पुलिस के लोग नेताओं से डरकर काम करना प्रारम्भ कर देंगे। इस बारे में विचार करने की जरूरत है।

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