Monday, 27 April 2015

भूकंप की विनाशलीला देखे हुए 86 लोग पहुचे वाराणसी एअरपोर्ट, डरे सहमे दिखाई दिए।

नेपाल से बाबतपुर एयरपोर्ट पहुचा कमलेश अग्रवाल का परिवार।
वाराणसी। सोमवार को लाल बहादुर शास्त्री एअरपोर्ट बाबतपुर पर शायंकाल 5:10 बजे एयर इण्डिया का स्पेशल विमान काठमांडू से 86 यात्रियों को लेकर वाराणसी पहुचा। ज्यादातर यात्री एयर इण्डिया के विमान एआई 405 से दिल्ली के लिए रवाना हो गए जबकि कुछ यात्री वाराणसी सहित अन्य जगहों पर वाहनों से अपने गन्तब्य को रवाना हुए।
लोग बताये भूकंप ने कुछ नहीं छोड़ा।
नेपाल काठमांडू से वाराणसी पहुचे लोगों ने बताया कि वहां कुछ नहीं बचा सबकुछ तबाह हो गया है। रह रह कर आ रहे भूकंप के झटकों से लोग अभी भी खौफ में जी रहे  हैं रहने से लेकर खाने पीने के सामानों के लिए भी काफी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।
काठमांडू का परिवार भूकंप रोकने के लिए बाबा विश्वनाथ से करेगा प्रार्थना।
काठमांडू के भगतुपुरी से वाराणसी पहुचे कमलेश अग्रवाल ने बताया की वहां भूकंप ने कई जनपदों में भारी तबाही मचाया है कही कही लगभग अस्सी फीसदी घर गिर गए हैं। वहाँ पर भूकंप का आना अभी नहीं थम रहा है। वाराणसी सपरिवार पहुचे कमलेश ने कहा कि सुना है बाबा विश्वनाथ पुरे विश्व के नाथ हैं मैं यहाँ उनसे भूकंप को रोकने के लिए प्रार्थना करने आया हूँ।
विदेशी पर्यटक भी थे डरे और सहमे।
जर्मनी के फ्रेंस और योगन, ऑस्ट्रिया के क्लारा सहित अन्य विदेशी पर्यटकों ने बताया कि हमलोग भारत आने के बाद काफी खुश हैं नेपाल में एक एक पल खतरों में गुजर रहा था जब भी धरती डोलती रूह कांप जाती थी। हम भारत के प्रधानमंत्री और भारतवासियों का बहुत आभार ब्यक्त करते हैं। वहां पर भारत के नागरिक काफी मदद कर रहे हैं।
तो अभी हजारों लोग दबे है।
काठमांडू निवासी कमलेश अग्रवाल ने बताया कि मरने वालों की संख्या पांच हजार से ऊपर ही है कुछ गांवों में अभी भी कई मकानों में सैकड़ों लोग दबे पड़े हैं उन्होंने यह भी कहा कि सरकार को गांवों में भी सुविधा मुहैया करानी चाहिये तथा बंद रास्तों को भी खुलवाना चाहिए क्योंकि रास्ता खुलने से कम से कम लोग भागकर जान तो बचा सकते हैं।

1 comment:

Unknown said...

Very Good information thank you Regards: sarkari result